23वां अखिल भारतीय बहुभाषी नाटक प्रतियोगिता के दूसरे दिन निकाला गया रंग जुलूस

◆ रंग-बिरंगे परिधानों में देश के 12 राज्यों के कलाकारों ने गिरिडीह की सड़कों पर बिखेरा जलवा

 

गिरिडीह (GIRIDIH)। सांस्कृतिक संस्था कला संगम द्वारा गिरिडीह के सवेरा सिनेमा हॉल में आयोजित तीन दिवसीय अखिल भारतीय बहुभाषीय नाटक, लोकनृत्य शास्त्रीय नृत्य प्रतियोगिता के दूसरे दिन शनिवार को शहर में रंगयात्रा निकाली गई।

 

 

इस दौरान देश 12 राज्यों से आये कलाकारों ने अपने अपने प्रदेश की कला व संस्कृति की अदभूत छटा गिरिडीह की सड़कों पर बिखेरा। जिसका भरपूर लुत्फ गिरिडीह के कला प्रेमी दर्शक व आम आवाम ने उठाया। रंगयात्रा के दौरान असम, मणिपुर, ओड़िसा, मध्यप्रदेश, राजस्थान, बंगाल, बिहार समेत अन्य प्रांतों से आए कलाकार रंग-बिरंगे परिधानों में शहर की जिन मार्गों से गुजरते वहां आने जाने वाले लोगों को हुजूम उन्हें देखने को उमड़ पड़ता। इस अद्भुत दृश्य को लोग अपने मोबाइल में कैद करते दिखे। साथ ही उन कलाकारों के साथ अपनी सेल्फी लेने को भी लोग ललायित दिखे। यह रंगयात्रा स्थानीय ईश्वर स्मृति भवन से निकाल कर मकतपुर, कालीबाड़ी, टावर चौक से गुजर कर बड़ा चौक स्टेशन रोड होते हुए वापस ईश्वर स्मृति भवन पहुंच समाप्त हुई।

 

दूसरे दिन हुआ कई नाटकों का मंचन :

कला संगम द्वारा सवेरा सिनेमा हॉल में आयोजित तीन दिवसीय स्व. जगदीश प्रसाद कुशवाहा स्मृति 23वीं अखिल भारतीय बहुभाषी नाटक, शास्त्रीय नृत्य, लोक नृत्य प्रतियोगिता के दूसरे दिन शनिवार को कई नाटकों की प्रस्तुति हुई। इस दौरान ए काइंड ऑफ प्रेगनेंसी, कैनवास की मौत, सहजपन, संबोधन, दी जोदसेर नामक नाटक का मंचन किया गया। सभी नाटकों का कथानक इतना सशक्त और कलाकारों का अभिनय इतना जीवंत था कि दर्शक दीर्घा में बैठक दर्शक अपलक कलाकारों के अभिनय को देखते रह गए। दर्शकों ने सभी नाटकों का भरपूर लुत्फ उठाया और ताली बजा कर कलाकारों का हौसला अफजाही किया।

 

छऊ नृत्य व महिषासुर मर्दनी नृत्य नाटिका के बांधा समा :

प्रतियोगिता के दौरान छऊ नृत्य ने जहा समां बांध दिया। वहीं महिषासुर मर्दनी नृत्य नाटिका ने लोगो का मन मोह लिया। इस नृत्य नाटिका के कलाकारों ने अपनी अद्भुत अभिनय क्षमता का प्रदर्शन कर लोगों को बरबस अपनी ओर आकर्षित किया। इस दौरान अनन्या दास, कौशिकी चक्रवर्ती, अनोखी, गौरव सरकार, अनिविता, कौशनी सरकार, आराध्या दास चौधुरी, तुमपी लोपदर, मनीषा कश्यप ने भी नृत्य प्रस्तुत किया।

 

15 कलाकारों को स्व. दिगम्बर प्रसाद स्मृति सम्मान से किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले देशभर के 15 कलाकारों को स्व. दिगम्बर प्रसाद स्मृति नाट्य श्री एवं कला श्री सम्मान से सम्मानित किया गया। जिनमे उत्तर प्रदेश के अष्टभुजा मिश्रा, दिल्ली के अशोक मेहरा व प्रदीप वाजपेयी, बंगाल के सौगत चट्टोपाध्याय, झारखंड के उमर खान, उड़ीसा के रामचन्द्र सासमल, रानू महापात्र व राजकुमार पाठी, राजस्थान के साक्षी सुनील व मनीषा शर्मा, बिहार के कमलेश कुमार को नाट्य श्री सम्मान से सम्मानित किया गया।

 

 

वहीं संगीत के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले गिरिडीह के राजीव रंजन और अजय कुमार को कला श्री सम्मान से सम्मानित किया गया। सभी कलाकारों को शॉल ओढ़ाकर एवं शिल्ड व प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।

 

दूसरे दिन के कार्यक्रम का कोडरमा सांसद प्रतिनिधि ने किया उद्घाटन

कला संगम के तीन दिवसीय प्रतियोगिता के दूसरे दिन के कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन कोडरमा सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव, नगर निगम उपमहापौर प्रकाश सेठ ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा स्व. दिगम्बर प्रसाद के तस्वीर पर माल्यार्पण कर किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कला संगम के वरीय उपाध्यक्ष पंकज ताह ने किया। जबकि संचालन सचिव सतीश कुंदन ने किया। मौके पर मंचासीन लोगों में ऑल इंडिया थियेटर काउंसिल (एआईटीसी) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वशिष्ठ प्रसाद सिन्हा, कला संगम के संरक्षक राजेन्द्र बगेड़िया,अजय सिन्हा मंटू, श्रेयांश जैन, सर जेसी बोस गर्ल्स हाई स्कूल के प्रिंसिपल मुन्ना कुशवाहा, लोजपा नेता राजकुमार राज, उपाध्यक्ष राजीव कुमार सिन्हा, सह सचिव शिवेंद्र सिन्हा, संयोजक चुन्नूकान्त, कोषाध्यक्ष विनय बक्सी, मुख्य सलाहकार कृष्णा सिन्हा आदि मौजूद थे।

 

इनकी रही उपस्थिति :

कार्यक्रम में प्रतियोगिता के निर्णायक अशोक मानव, मो. निज़ाम, सरसी चंद्र, सह सचिव मदन मंजर्वे, मीडिया प्रभारी सुनील मंथन शर्मा, बिनोद शर्मा, कार्यालय प्रभारी मनोज मुन्ना, नीतीश आनंद, नृत्य निर्देशक दिव्या सहाय, रविश आनंद, शुभम, विकास रंजन, आकाश, सिद्धांत, सुमित आदि उपस्थित थे।

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