पांचवी बार वीडियो शेयर कर सउदी में फंसे मजदूरों ने लगायी वतन वापसी की गुहार

◆सऊदी अरब में फंसे झारखंड के 45 मजदूरों के समक्ष भूखों मरने की स्थिति उत्पन्न

 

GIRIDIH (गिरिडीह)। सऊदी अरब में फंसे झारखंड के 45 मजदूरों के समक्ष भूखों मरने की स्थिति बन गयी है। उनके पास भोजन नहीं है और न ही पीने को स्वच्छ पानी ही उन्हें नसीब हो रहा है। उन मजदूरों ने रविवार को पांचवी बार सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है। मजदूरों का कहना है कि उनके पास खाने-पीने के लिए कुछ नहीं है और न ही उनके पास पैसे ही हैं।

 

बता दें कि झारखण्ड प्रदेश के हजारीबाग, बोकारो और गिरिडीह जिले के ये सभी 45 मजदूर बीते 11 मई को कॉमर्शियल टेक्नोलॉजी कंपनी के कॉन्ट्रैक्ट पर ट्रांसमिशन लाइन में काम करने के लिए सऊदी अरब गए थे। इसके एवज में उन्हें बतौर कमीशन 55 हजार रुपए उन्हें देना पड़ा था। उन्हें बतौर लाइनमैन काम के बदले 15 सौ रियाल (करीब 33 हजार), हेल्पर को 11 सौ रियाल (करीब साढ़े 24 हजार) के अलावा ओवरटाइम के लिए 750 रियाल तथा खाने-पीने के लिए अलग से 300 रियाल देने का आश्वासन मिला था।

 

इन मजदूरों की माने तो उनसे वहां 7 महीने काम करवाकर कंपनी ने केवल 2 महीने की मजदूरी ही दी है। बकाया मांगने पर टाल-मटोल कर रही है। जिसके बाद मजदूरों ने अपनी मांग को लेकर हड़ताल कर दिया तो कंपनी ने खाना-पीना देना बंद कर दिया। मजदूरों के परिजनों को जब उनकी वस्तु स्थिति की जानकारी मिली तो परिजन काफी परेशान है। परिजनों ने भी सरकार से मदद मांग की गुहार लगाते हुए उन्हें जल्द से जल्द वतन वापसी कराने की अपील की है।

 

बता दें कि सऊदी अरब में फंसे झारखंड के 45 मजदूर फंसे हैं। सर्वाधिक 25 मजदूर हजारीबाग जिले के, 16 मजदूर गिरिडीह जिले के और 4 मजदूर बोकारो जिले के है।

 

जिनमे हजारीबाग जिले के 25 मजदूरों में बिष्णुगढ प्रखंड के अचलजामू के सहदेव राजवार, रूपलाल महतो, करगालो के बहादुर महतो, नागेश्वर महतो, सीतल महतो, रोहित महतो, मेघलाल महतो, रंजन राज मेहता, सारूकुदर के भैरो महतो, उच्चाघाना के सुकर महतो, नंदलाल महतो, लोकनाथ महतो, सुनिल महतो, बलकमक्का के तिलक महतो, थानेश्वर महतो, अम्बाटांड महानंद पटेल, प्रमोद महतो, अनंतलाल महतो, खरकट्टो के तापेश्वर महतो, सीरैय के टोकन सिंह, अलखरी के धानेश्वर महतो, नागी चुरामन महतो, केन्दुवाडीह के भुनेश्वर महतो, जितेंद्र महतो, बरकट्ठा प्रखंड के गोरहर के बालगोविंद महतो शामिल है।

 

 

वहीं गिरिडीह जिले के 16 मजदूरों में बगोदर प्रखंड के तारानारी के अर्जुन महतो,भागिरथ महतो, टेकलाल महतो, बेको के संतोष साव, महेश साव, कामेश्वर साव, खेतको के महेश महतो, रीतलाल महतो, विजय महतो, मुंडरो के अशोक महतो, जरमुने के सोहन कुमार, डुमरी प्रखंड के बरियारपुर इंद्रदेव महतो, चैनपुर के राजेश कुमार महतो, पोरदाग गणेश साव, डुमरी के सुभाष कुमार, जानकी महतो और बोकारो जिले के 4 मजदूरों में नावाडीह प्रखंड के पोखरिया के जगदीश महतो, गोनियाटो के रामचंद्र महतो, गोमियां प्रखंड के करी के प्रदीप महतो, सीधाबारा के मनोहर महतो शामिल हैं।

 

प्रवासी मजदूरो के हित में कार्य करनेवाले सिकन्दर अली ने भारत एवं राज्य सरकार से तत्काल मजदूरों की मदद करने की अपील की है। उन्होंने मजदूरों के पलायन रोकने के लिए सरकार रोजगार की व्यवस्था करने की जरूरत पर भी बल दिया है। कहा कि रोजगार के अभाव में झारखंड के मजदूर आए दिन रोजी रोटी की तलाश में विदेश जाते हैं, वहां उनको यातनाएं झेलनी पड़ती हैं।

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