Vedanta Limited के शेयर हालिया कारोबार में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। ब्रोकरेज हाउसेज़ का मानना है कि कमोडिटी कीमतों में लगातार मजबूती, आय की बेहतर दृश्यता और प्रस्तावित डीमर्जर के कारण कंपनी का आउटलुक मजबूत बना हुआ है। मौजूदा परिस्थितियों में Vedanta ने बाजार से बेहतर प्रदर्शन किया है और निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है।
बेस और कीमती धातुओं में आई व्यापक तेजी का सीधा फायदा Vedanta को मिला है। तिमाही आधार पर एल्यूमिनियम और जिंक की कीमतों में 8 से 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि सिल्वर की कीमतों में करीब 40 प्रतिशत तक का उछाल आया है। इस तेजी से नॉन-फेरस मेटल सेक्टर की कंपनियों की लाभप्रदता में साफ सुधार देखा गया है।
Kotak Institutional Equities का मानना है कि मौजूदा कमोडिटी अपसाइकिल का सबसे अधिक लाभ Vedanta को मिल सकता है। ब्रोकरेज के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 के अनुमानित EBITDA का लगभग 85 प्रतिशत योगदान एल्यूमिनियम से करीब 50 प्रतिशत, जिंक से 20 प्रतिशत और सिल्वर से 15 प्रतिशत आने की संभावना है। डीमर्जर की प्रक्रिया और ऊंची कमोडिटी कीमतें कंपनी के प्रदर्शन को अतिरिक्त समर्थन दे सकती हैं।
Kotak के मुताबिक, Vedanta की पांच इकाइयों में डीमर्जर की प्रक्रिया वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में शुरू होकर वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही तक पूरी हो सकती है। एल्यूमिनियम और पावर डिवीजन में बेहतर मल्टीपल्स के चलते वैल्यू अनलॉकिंग की संभावना जताई गई है। ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 के लिए EBITDA अनुमान 8.7 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2028 के लिए 6.9 प्रतिशत बढ़ाया है। Vedanta का फेयर वैल्यू 780 रुपये आंका गया है, जबकि स्पॉट कीमतों के आधार पर यह 965 रुपये तक पहुंच सकता है।
वहीं, Nuvama Institutional Equities ने भी Vedanta पर सकारात्मक रुख बनाए रखा है। ब्रोकरेज का कहना है कि मेटल कीमतों में तेजी और ऑपरेटिंग लेवरेज के कारण कंपनी का तिमाही प्रदर्शन मजबूत रह सकता है। अनुमान है कि EBITDA तिमाही आधार पर लगभग 28 प्रतिशत तक बढ़ सकता है, जिसका नेतृत्व एल्यूमिनियम और जिंक सेगमेंट करेंगे, जबकि ऑयल एंड गैस सेगमेंट में कुछ नरमी देखने को मिल सकती है।
Nuvama के अनुसार, औसत LME एल्यूमिनियम और जिंक की कीमतें क्रमशः 2,829 अमेरिकी डॉलर प्रति टन और 2,166 अमेरिकी डॉलर प्रति टन तक पहुंच चुकी हैं, जबकि सिल्वर की कीमत 55.2 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस रही है। इसके साथ ही Hindustan Zinc Limited के EBITDA में भी तिमाही आधार पर 31.5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का अनुमान है, जिसे उच्च वॉल्यूम और बेहतर रियलाइजेशन से समर्थन मिलने की उम्मीद जताई गई है।

