वर्ष 2023 में बाल विवाह मुक्त अभियान की गूंज से गुंजायमान रहा गिरिडीह

◆बाल विवाह का शिकार होने से बचाये गये सौ से अधिक लड़के लड़कियां, दर्ज़नों लोगों की हुई गिरफ्तारी

 

 

GIRIDIH (गिरिडीह)। वर्ष 2023 में गिरिडीह जिला बचपन को बचाने और उनके भविष्य को संवारने में अग्रणी भूमिका निभाया है। बाल विवाह, बाल तस्करी, बाल यौन शोषण मुक्त गिरिडीह बनाने की दिशा में सिर्फ जन जागरण का कार्य नहीं अपितु कानून को भी कठोरता से लागु किया गया।

 

 

जिले में पहली बार लगभग 6 लाख बच्चे, महिलाएं, युवा वर्ग, जन प्रतिनिधि,सरकारी कर्मी व पदाधिकारी वर्ग ने प्रत्यक्ष रूप से बाल विवाह के खिलाफ शपथ लिया। उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने समाहरणालय में तथा जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अलका हेम्ब्रम, डीसीपीओ जीतू कुमार, पुजा सिन्हा, अहमद अली, नीति आयोग की अंजलि बिन समेत अन्य अधिकारियों ने स्कूलों में जा-जा कर लडके लड़कियों को बाल विवाह न करने और इस अपराध को रोकने हेतु कदम बढ़ाने की शपथ दिलाई। वहीं शपथ दिलाने का काम एक अभियान के तहत सम्पन्न कराने के लिये शिक्षा विभाग, पंचायती राज, समाज कल्याण विभाग, आजीविका मिशन इत्यादि द्वारा पत्र भी निर्गत किया गया था। डेढ़ सौ अभिभावकों से अंडरटेकिंग वचन पत्र भरवाकर बाल विवाह को रोका गया।

 

 

इस दौरान वर्ष 2023 में ठगी विवाह रचाकर लड़कियों की तस्करी करने वाले राजस्थान, मध्य प्रदेश के गिरोह का पर्दाफाश हुआ और एक दर्ज़न से अधिक लोगों को जेल भेजा गया। बचपन बचाने के इस अभियान में जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसांगिक इकाई जिला समाज कल्याण विभाग, बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति, पुलिस विभाग, चाइल्ड लाइन की भूमिका सराहनीय रही।

 

 

वहीं कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन फाउंडेशन, बचपन बचाओ आंदोलन के सहयोगी पार्टनर बनवासी विकास आश्रम के सचिव सुरेश कुमार शक्ति ने प्रेस बयान जारी कर बताया कि बनवासी विकास आश्रम से जुड़े कर्मी उत्तम कुमार, भागीरथी, प्रियंका, ओमप्रकाश आदि ने दो लाख पांच हज़ार लोगों को डिजिटल तकनीक का प्रयोग कर डिजिटल मोबाइल ऐप के माध्यम से शपथ दिलाया।

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