बिहार सरकार ने जारी किया एकेडमिक कैलेंडर, मचा बवाल

◆जारी कैलेंडर में हिन्दू पर्व त्योहारों की छुट्टी में की गई है कटौती, मुस्लिम त्योहारों की छुट्टी बढ़ाई

 

PATNA (पटना)। बिहार के स्कूलों में छुट्टियों को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है. एक तरफ बिहार सरकार ने हिन्दू तीज त्योहारों पर होने वाली छुट्टियों को या तो रद्द कर दिया या फिर छुट्टी के दिनों की संख्या कम कर दिया है.

 

वहीं मुस्लिमों के त्योहारों की छुट्टियों को बढ़ा दिया गया है. इस संबंध में बिहार के शिक्षा विभाग की ओर से एकेडमिक कैलेंडर भी जारी किया गया है. इस कैलेंडर को देखते ही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इसे तुष्टिकरण की राजनीति बताते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमले शुरू कर दिए हैं.

 

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधा हमला करते हुए कहा कि एक बार फिर बिहार सरकार तुष्टिकरण का खेल खेलने लगी है. हिन्दू पर्व-त्योहारों की छुट्टियों जैसे जन्माष्टमी, रामनवमी, रक्षा बंधन और शिवरात्रि की छुट्टी को रद्द कर दिया है. हिन्दुओं को जातियों में बांटने के बाद सीएम अब अल्पसंख्यकों के लिए तुष्टिकरण करने में जुटे हैं. उधर, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इसे इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ बिहार बताया.

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा है कि नीतीश और लालू सरकार ने स्कूलों में मुस्लिम पर्व की छुट्टी बढ़ाई, हिन्दू त्योहारों में छुट्टी खत्म. कहा कि ईद मुहर्रम की छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं. यह भी गजवा-ए-हिन्द का एक हिस्सा है. इसी क्रम में अश्वनि कुमार चौबे ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को तुष्टिकरण के सरदार-बिहार के कुर्सी कुमार कहा है. उन्होंने अपने माइक्रो ब्लागिंग साइट एक्स पर लिखा है कि एक बार फिर चाचा-भतीजे की सरकार का हिंदू विरोधी चेहरा सामने आया है.

मुस्लिम त्योहारों की छुट्टी बढ़ी

इस सरकार में एक तरफ जहां स्कूलों में मुस्लिम पर्व की छुट्टी बढ़ाई गई हैं, वहीं हिन्दू त्योहारों में छुट्टियां खत्म की जा रही हैं. इसी के साथ उन्होंने लिखा है कि लानत है वोटबैंक के लिए सनातन से घृणा करने वाली सरकार को. बता दें कि बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने साल 2024 का एकेडमिक कैलेंडर जारी किया है. इसी कैलेंडर के मुताबिक सरकारी विद्यालयों का संचालन किया जाएगा. इस कैलेंडर में विभाग ने जो छुट्टियों की जानकारी दी है, इसमें हिन्दुओं के पर्व त्योहारों में छुट्टियों में कटौती की गई है.

वहीं, अल्पसंख्यकों के त्योहारों की छुट्टियां बढ़ाई गई हैं. इसमें खासतौर पर रामनवमी, महाशिवरात्रि, तीज, जितिया, सावन की अंतिम सोमवारी, जन्माष्टमी, अनंत चतुर्दशी, भैया दूज, गोवर्धन पूजा, कार्तिक पूर्णिमा पर इस बार छुट्टियों का प्रावधान नहीं है. अब तक इन त्यौहारों पर एक दिन की छुट्टी होती थी. इसी प्रकार होली, दिवाली, छठ, दुर्गा पूजा की छुट्टियों में कटौती की गई है. जबकि ईद, बकरीद, मोहर्रम की छुट्टियों को बढ़ाया गया है.

होली दिवाली की छुट्टी हुई कम

2023 में होली पर अवकाश 3 दिन का था, लेकिन 2024 में इसे 2 दिन कर दिया गया है. दुर्गा पूजा की छुट्टी भी अब 6 दिन की जगह केवल 3 दिन होगी. दीपावली से लेकर छठ तक पहले 8 दिनों की छुट्टियां होती थी. अब यह छुट्टी केवल चार दिन होगी. दूसरी ओर, ईद और बकरीद पर हमेशा दो दिन की छुट्टी होती थी, लेकिन अब तीन दिन होगी. 2023 में पहली बार मोहर्रम पर 1 दिन की छुट्टी घोषित हुई थी, इसे 2024 में बढ़ाकर 2 दिन कर दिया गया है.

30 दिन की होगी गर्मी की छुट्टी

अंबेडकर जयंती और रविदास जयंती के दिन भी अवकाश रहेगा. इसी के साथ गर्मी की छुट्टियों को भी 20 दिन से बढ़ाकर 30 दिन कर दिया गया है. इतना उलटफेर के बाद भी साल 2024 में भी कुल छुट्टियों की संख्या 60 ही रहेगी. जानकारी के मुताबिक इस एकेडमिक कैलेंडर में यह भी व्यवस्था है कि यदि किसी जिले में जुमा के मौके पर जिलाधिकारी की अनुमति से अतिरिक्त छुट्टी घोषित की जा सकती है.

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